हाथ में लिए हो साढ़े पांच इंच का स्मार्टफोन. लेकिन 15 साल पहले ये फोन एक सपना था. हर चीज बनते बनते बनती है. हर चीज के विकास का मामला कुदरत की तरफ से सेट है. जमीन रहने लायक एक दिन में तो हुई नहीं. इसे ऐसा बनने में लगे करोड़ो साल. इस तरह एक-एक कर यहां पैदा होते रहे स्पीशीज.
1. धरती बनी तो थी एकदम जलता हुआ अंगारा. लाखों करोड़ों साल तक लगातार बदलाव चलता रहा. फिर जिंदगी की शुरुआत हुई करीब 52 करोड़ साल पहले. कैलकुलेट कर लो, कितने घंटे और कितने मिनट.
2. जब धरती की गर्मी कम हुई तो समुद्र, पहाड़ और मैदान बने.
3. पृथ्वी से चारों ओर बन गई ओजोन परत. ये परत सूरज की खतरनाक अल्ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने लगी, जिससे धरती पर जिंदगी आसान हो गई.
4. फिर धरती पर बनने लगा माहौल. पहले बने एक कोशिकीय जीव, बैक्टीरिया वगैरह.
5. फिर प्लांट्स और काई पैदा हुए. उसके बाद तो रास्ता बन गया. तमाम तरह के स्पीशीज आते और जाते रहे.
6. इन्हीं में डायनासोर भी थे. धरती पर रहने वाले सबसे बड़े जानवर. करोड़ों साल पहले ये धरती से खत्म भी हो गए. इनके होने और खत्म होने पर अब भी रिसर्च चल रही है.
7. जमीन खोदकर पुरातत्व निकालने वाले साइंटिस्ट लोगों ने मेहनत की है. 350 साल पुराने निशान खोज निकाले हैं जानवरों के.
8. इंसान भी अचानक ऐसा होशियार और कामकाजी नहीं बन गया. आदमी को पैदा हुए केवल 20 लाख साल हुए हैं. पहले का आदमी था बंदर जैसा. जो पत्थर से जानवर मारता और खाता था. होमो हेबलिस कहते हैं उसे साइंस की भाषा में.
9. आदमी की सबसे पुरानी फैमिली पाई गई है इथोपिया में. करीब 44 लाख साल पुरानी फैमिली. नाम था आर्डी.
10. कुछ लोग ये भी मानते हैं कि धरती पर जीवन दूसरे प्लैनेट से आया है. वो शायद इस दुनिया के लोगों से ज्यादा समझदार रहे होंगे और यहां उम्मीद की किरण देख कर आ गए होंगे.
चलते चलते अब शॉर्टकट में भी देख लो अगर पूरा पढ़ नहीं पाए हो तो.











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